साजिश के पीछे आईएसआईएस : दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला, 223 स्कूलों को मिली थी बम से उड़ाने की धमकी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के स्कूलों में बुधवार सुबह बम रखा होने की सूचना मिलने के बाद हड़कंच मच गया। स्कूलों में बम रखे होने के मेल मिलने के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामला दर्ज किया है। स्पेशल सेल ने अपराधिक षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज किया है। साथ ही आईएस एंगल का संदेह है। जिसकी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जांच करेगी।
एक अधिकारी ने बताया कि स्पेशल सेल ने जांच के लिए टीम का गठन कर दिया है। साजिश और धमकी जैसे अपराधों के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने आगे कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इसकी गहनता से जांच होगी। धमकी अफवाह है। क्योंकि तलाशी के दौरान कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है।
आगे बताया कि जिस ईमेल आईडी से धमकी भेजी गई है। उसका नाम savariim@mail.ru है। आगे कहा कि सावरिम एक अरबी शब्द है। जिसका इस्तेमाल आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने पिछले कई वर्षों में अपने प्रचार वीडियो के दौरान किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया दिल्ली के स्कूलों में कुल 223 बम की कॉल्स आई। इनमें सबसे अधिक उत्तर-पश्चिम और सबसे कम उत्तर-पूर्व और उत्तरी दिल्ली में आई। दिनभर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्कूलों में डटे रहे। देर शाम को ही इन्होंने अपने दफ्तरों का रुख किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हालात पर दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर सभी स्कूलों को सुबह करीब 4.15 बजे स्कूल के आधिकारिक ईमेल आईडी पर अंग्रेजी में लिखा दो पेज का एक ईमेल भेजा गया। सभी जगह एक जैसा ईमेल था, जिसमें स्कूल में बम रखा होने की बात कही गई थी। स्कूल का स्टाफ सुबह जब स्कूल पहुंचा तो उनको ईमेल का पता चला।
खबर मिलने के बाद शुरुआत में बम व डॉग स्क्वायड और लोकल पुलिस स्टाफ को स्कूल में भेजा। कॉल्स की संख्या बढ़ी तो स्कूल खाली करवाने के लिए कहा गया। ज्यादातर स्कूल प्रशासन ने बच्चों को क्लास रूम से निकालकर सुरक्षित मैदान में पहुंचा दिया। बाद में उनके माता-पिता स्कूल पहुंचे तो बच्चों को उनके हवाले कर दिया गया। हर जिले में बम और डॉग स्क्वायड की एक-एक टीम के होने की वजह से तलाशी अभियान में थोड़ी दिक्कत हुई। देर शाम तक स्कूलों में तलाशी अभियान जारी रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने एरिया में स्कूलों का इंतजाम देखने के लिए कहा। पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित निकालने में मदद भी की।




