महिलाओं का छोटे कपड़े पहन डांस करना अश्लीलता नहीं…बाॅम्बे हाईकोर्ट ने क्यों सुनाया ये फैसला?
बाॅम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक मामले में कहा कि महिलाओं के छोटे कपड़े में डांस करने को अश्लीलता नहीं कहा जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि यह अनैतिक कृत्य नहीं है। इससे किसी को भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। अदालत ने 5 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 294 के तहत दर्ज मामले को रद्द कर दिया।
महिलाओं का छोटे कपड़े पहनना सामान्य बात
न्यायाधीश विनय जोशी और वाल्मीकि मेनेजेस की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपी क्रमांक 13 से 18 तक जो कि महिला डांसर है के छोटे कपड़े पहनने और उत्तेजक डांस करने और इशारे करने को अश्लील नहीं कहा जा सकता है। हालांकि पुलिस ने एफआईआर में इसे अश्लील कहा है। हालांकि बेंच ने यह भी कहा कि हम भारतीय समाज के मौजूदा मानदंडों से परिचित है लेकिन आज के समय में ऐसे कपड़े पहनना सामान्य बात हो गई है और स्वीकार्य भी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि हम कई बार फिल्मों में कपड़े पहनने के तरीकों को देख रहे हैं। इस मामले में धारा 294 लागू नहीं होती है।
कोर्ट ने इसलिए खारिज किया मामला
मुबंई पुलिस ने एक रिजाॅर्ट में रेड की थी। यहां 6 महिलाएं कथित तौर पर छोटी स्कटर््स पहनकर नाच रही थीं। और वहां आए लोग उन पर रुपये उड़ा रहे थे। पुलिस ने महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 5 पुरुषों के खिलाफ एफआईआर को रदद कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगर यह कार्य सार्वजनिक जगह पर किया गया है तो धारा 294 लगाई जा सकती है। हालांकि पब एक सार्वजनिक स्थान है लेकिन वहां मौजूद किसी भी शख्स इससे परेशानी नहीं हो रही थी।




