राजनगर में धूमधाम से मना विजयादशमी, सिंदूर खेला के साथ मां दुर्गा को दी भावुक विदाई

नगर परिषद बनगवां (राजनगर) में विजयादशमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। बंगाली दुर्गा पूजा पंडाल में तीन दिनों तक डांडिया की धूम रही। विजयादशमी पर महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला कर मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। वहीं, गोपाल पंडाल, राजनगर बस स्टैंड और शांतिनगर में रावण दहन हुआ। आकर्षक सजावट और धार्मिक आयोजनों से पूरा नगर भक्तिमय रहा।

सुमिता शर्मा/जिला ब्यूरो चीफ

अनूपपुर,मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के नगर परिषद बनगवां (राजनगर) क्षेत्र में विजयादशमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। शारदीय नवरात्रि के समापन पर नगर के दुर्गा पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी, धार्मिक झांकियों और जय श्रीराम व जय माता दी के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। इस दौरान तीन स्थानों पर रावण दहन किया गया, जबकि बंगाली दुर्गा पूजा पंडाल में तीन दिनों तक डांडिया की धूम रही।
राजनगर के शांतिनगर, न्यू राजनगर, गोपाल पंडाल, बाबू लाइन बंगाली दुर्गा पूजा पंडाल, दुर्गा मंदिर बाजार दफाई और बस स्टैंड सहित विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। नवरात्रि के दौरान भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
नगर परिषद बनगवां के वार्ड क्रमांक पांच स्थित बंगाली दुर्गा पूजा पंडाल में लगातार तीन दिनों तक डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर उत्सव की रौनक बढ़ाई। संगीत की धुनों पर थिरकते प्रतिभागियों के बीच उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ बंगाली संस्कृति और सामाजिक मेल-मिलाप की झलक भी प्रस्तुत की।
विजयादशमी पर बंगाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाई और मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। लाल परिधानों में सजी महिलाओं ने मां को सिंदूर अर्पित किया और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख-समृद्धि, अखंड सौभाग्य तथा परिवार की खुशहाली की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक रीति से मां दुर्गा के माथे और मांग में सिंदूर लगाया। विदाई के समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और सभी ने अगले वर्ष मां के पुनः आगमन की प्रार्थना की।
वहीं, गोपाल पंडाल, राजनगर बस स्टैंड और शांतिनगर पंडाल में रावण दहन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे। रावण के पुतलों के दहन के साथ बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया गया।
राजनगर में दुर्गा पूजा और विजयादशमी का आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बना। श्रद्धा और उत्साह के बीच संपन्न हुए महोत्सव में लोगों ने मां दुर्गा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की कामना की तथा अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की प्रतीक्षा के साथ विदाई दी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button