मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: योगी आदित्यनाथ
नवरात्रि के महानवमी पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कन्या पूजन किया। उन्होंने कहा कि, महानवमी पर कन्या पूजन के माध्यम से सनातन धर्मावलंबी मातृशक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

गोरखपुर,उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन परंपरा में मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। नवरात्रि में कन्या पूजन इसी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मां भगवती के उपासक समाज में नारी की गरिमा के विपरीत आचरण के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। प्रदेश सरकार ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को अपनी शासन व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया है और मिशन शक्ति अभियान इसी संकल्प का परिणाम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से कन्या पूजन किया और कन्याओं को भोजन कराया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बासंतिक और शारदीय नवरात्रि की परंपरा समाज को नारी के प्रति सर्वोच्च सम्मान का संदेश देती है। गोरखनाथ मंदिर की इस पावन परंपरा से जुड़कर कन्याओं का पूजन करने और उन्हें भोजन कराने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है, जहां महिलाओं की शिकायतों और समस्याओं के समाधान की व्यवस्था है। महिला बीट पुलिस अधिकारी और उपनिरीक्षक स्तर की महिला अधिकारी उनकी समस्याएं सुनती हैं। इसके साथ ही महिलाओं की सहायता के लिए 1090 हेल्पलाइन भी संचालित की जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर लगभग 45 हजार हो गई है। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मी प्रदेश में सुरक्षित वातावरण बनाने और महिलाओं में भरोसा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहल महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक की शिक्षा के लिए 25 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। उनके अनुसार, इस योजना के माध्यम से अब तक पांच लाख से अधिक कन्याओं के विवाह कराए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 54 हजार बीसी सखी ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान दे रही हैं। ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से भी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नवरात्रि के धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 45 हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि रविवार को वहां 25 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जबकि सोमवार को भी 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा देवीपाटन शक्तिपीठ, सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी पीठ और सीतापुर की ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को मनाया जाने वाला विजयादशमी का पर्व अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का प्रतीक है। प्रभु श्रीराम की विजय का यह उत्सव समाज को बुराइयों से मुक्त होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प भी लेना चाहिए।




