रंगदारी के मामले में जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे की बिगड़ी तबीयत, बेहोश होकर गिरे; अस्पताल में ऑपरेशन की सलाह
कानपुर में 2.50 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले में जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे शुक्रवार को बेहोश हो गए। मसूड़ों में संक्रमण और कमजोरी के बाद उन्हें उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही।

कानपुर,उत्तर प्रदेश। करीब ढाई करोड़ रुपये की कथित रंगदारी के मामले में लगभग एक साल से जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। जेल की बैरक में बेहोश होकर गिरने के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच करने के बाद ऑपरेशन की सलाह दी है। फिलहाल उनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
जेल प्रशासन के मुताबिक, अखिलेश दुबे के मसूड़ों में पस पड़ गया था। इसके चलते वह करीब एक सप्ताह से ठीक से भोजन नहीं कर पा रहे थे। लगातार कमजोरी बढ़ने के कारण शुक्रवार शाम उनकी हालत बिगड़ गई और वह बैरक में बेहोश होकर गिर पड़े। जेल सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि उनका उपचार जेल के डॉक्टर समीर कुमार की निगरानी में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल उर्सला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद ऑपरेशन की बात कही।
अखिलेश दुबे के खिलाफ भाजपा नेता रवि सतीजा ने बर्रा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि अखिलेश दुबे ने उन्हें दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अखिलेश दुबे के खिलाफ कानपुर के विभिन्न थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं। इनमें ग्वालटोली, किदवई नगर, कोतवाली और जूही थानों से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं। इन मामलों में रंगदारी मांगने समेत कई अन्य आरोप लगाए गए हैं।
स्वरूप नगर निवासी होटल कारोबारी सुरेश पाल ने भी अखिलेश दुबे के खिलाफ किदवई नगर थाने में रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कथित तौर पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया और उसे खत्म कराने के बदले ढाई करोड़ रुपये वसूले गए। इस मामले की सुनवाई जिला जज अनमोल पाल की अदालत में चल रही है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे के वादी समेत चार लोगों के बयान दर्ज कराए जा चुके हैं। बताया गया है कि इनमें से तीन गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए हैं। इसी मामले में अखिलेश दुबे जेल में बंद हैं।
फिलहाल, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और आगे का उपचार जांच के आधार पर किया जाएगा। उनके खिलाफ दर्ज मामलों में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।




