गाजियाबाद में पुलिस की नाक के नीचे राष्ट्रविरोधी गतिविधियां, भाई और बहन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की चौकसी पर सवाल

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के चलने का मामला सामने आया है। गुजरात के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी टेस्ट मैच के दौरान दर्शकों को धमकी दिए जाने के बाद मामला गरमाया है। इस मामले के तार गाजियाबाद से जुड़े हैं। ऐसे में सवालों के घेरे में एक बार फिर गाजियाबाद पुलिस आ गई है। गांव बिसोखर से खालिस्तान समर्थक जुनैद और उसकी बहन रिहाना के पकड़े जाने के बाद थाना पुलिस की चौकसी पर सवाल उठ रहे हैं। लंबे समय से भाई-बहन राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे और पुलिस को कानों-कान भनक तक नहीं लगी, जबकि उनका कॉल सेंटर घनी आबादी के बीच चल रहा था। बावजूद इसके पुलिस इस मामले से बेखबर रही।
दरअसल, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई बॉर्डर-गावस्कर ट्रोफी का आखिरी मैच 9 मार्च को अहमदाबाद स्टेडियम में खेला गया था। इस मैच को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अलबनीज पहुंचे थे। इस दौरान लोगों को मैच देखने के लिए स्टेडियम में नहीं जाने की धमकी दी गई थी और ‘घर पर रहो सुरक्षित रहो’ का नारा दिया गया था। गुजरात पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए एमपी, दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में दबिश दे रही थी। सर्विलांस के जरिए गुजरात पुलिस लगभग 15 दिन पहले गाजियाबाद पहुंची।
गुरुवार रात गुजरात पुलिस की टीम ने थाना पुलिस के सहयोग से बिसोखर गांव स्थित एक मकान में दबिश दी और मौके से जुनैद और रिहाना को धर दबोचा। दोनों रिश्ते में भाई-बहन हैं। मकान से एडवांस सिम बॉक्स, एम्प्लीफायर, सेटेलाइट फोन, छह मोबाइल, पेनड्राइव समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। जुनैद मेरठ जिले के मवाना क्षेत्र का रहने वाला है। बिसोखर में जुनैद की बहन रिहाना का अशफाक से निकाह से हुआ है। अशफाक वर्तमान में सऊदी अरब में रहता है। पिछले दो माह से जुनैद अपनी बहन के साथ मिलकर कॉल सेंटर चला रहा था। अहमदाबाद में लोगों को धमकी खालिस्तान समर्थक आतंकी गुरुवंत सिंह पन्नू की आवाज में दी गई थी।
राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए मोदीनगर पहले भी बदनाम रह चुका है। वर्ष 2022 में एटीएस ने पीएफआई टीम के एजेंट परवेज निवासी गांव कलछीना को गिरफ्तार किया था। इस दौरान एटीएस टीम पर हमला भी बोला गया था। इसके बाद भी तहसील क्षेत्र की पुलिस का खुफिया तंत्र राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों का सुराग लगाने में नाकाम रहा है। मोदीनगर एसीपी रितेश त्रिपाठी ने कहा कि खालिस्तान समर्थक भाई-बहन के पकड़े जाने के बाद से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है। खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है। इसके अतिरिक्त पकड़े गए भाई-बहन के रिश्तेदारों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है।




