भारत के दुश्मन से यारी, मोहम्मद यूनुस के बाद अब आर्मी चीफ जा रहे चीन

चीन से सैन्य संबंध मजबूत कर रहा बांग्लादेश

ढाका/एजेंसी। बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकार-उज-जमान जून के अंत तक चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। उनकी इस यात्रा का ऐलान तब हुआ है, जब बांग्लादेश में म्यांमार सीमा पर कथित मानवीय गलियारा को लेकर तनाव चरम पर है। मोहम्मद यूनुस की सरकार ने अमेरिका के साथ इस गलियारे पर गुप्त रूप से डील कर ली थी। लेकिन, जब बांग्लादेशी सेना प्रमुख जमान ने आंख दिखाई तो यूनुस सरकार ने यू-टर्न ले लिया और कहा कि किसी भी देश के साथ ऐसे गलियारे पर बात तक नहीं हुई है। ऐसे में बांग्लादेश आर्मी चीफ का दौरे को लेकर बांग्लादेश से भारत तक हलचल है।
बांग्लादेशी सेना के विभिन्न डायरेक्ट्रेट उनकी आग्मी चीन यात्रा के लिए तैयारियां कर रहे हैं। यह दौरा चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के औपचारिक निमंत्रण के बाद हो रही है। ऐसा माना जा रहा है कि जनरल जमान की यात्रा का उद्देश्य चीन से अधिक हथियारों की खरीद करना है, जो परंपरागत रूप से बांग्लादेश सेना और बांग्लादेश वायु सेना को हथियारों और हवाई संपत्तियों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहा है। इस कारण से, बांग्लादेश सेना का हथियार और प्रणाली निदेशालय (डीडब्ल्यूईएंडएस) यात्रा पर अन्य निदेशालयों के साथ समन्वय कर रहा है।
नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल जमान की यात्रा के विवरण की रूपरेखा तैयार करने के लिए पैदल सेना, सेना विमानन, तोपखाना, सिग्नल, आयुध, इंजीनियर, बख्तरबंद, सैन्य अभियान, सैन्य अभियान, सैन्य खुफिया और सैन्य प्रशिक्षण निदेशालयों के प्रतिनिधि आपस में चर्चा कर रहे हैं। 13 मई को बांग्लादेश सेना के आयुध शाखा के मास्टर जनरल मेजर जनरल अबू बकर सिद्दीकी खान और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने चीन वैनगार्ड कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने चीनी HQ-17AE सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (एसएएम), JSG रडार और FK-3 मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (एमएसएएम) को हासिल करने की योजनाओं पर चर्चा की।
इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी कि जनरल जमान SAM और MSAM और JSG रडार के अधिग्रहण पर समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे या नहीं। सूत्रों ने कहा कि वह वरिष्ठ पीएलए अधिकारियों से मिलेंगे और चीन और बांग्लादेश के बीच अधिक रक्षा सहयोग के अवसरों पर चर्चा करेंगे। ठीक एक साल पहले, बांग्लादेश और चीन ने अपना पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘गोल्डन फ्रेंडशिप-2024’ आयोजित किया था, जिसका उद्देश्य शांति स्थापना और आतंकवाद विरोधी अभियानों को बेहतर बनाना था और इसमें अपहरण विरोधी और शिविर उन्मूलन जैसे परिदृश्यों पर मिश्रित समूहों का प्रशिक्षण शामिल था।
पिछले साल ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि चीन ने बांग्लादेश को विभिन्न सैन्य तकनीकें हस्तांतरित की हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसने घरेलू रक्षा औद्योगिक इंडस्ट्री बनाने की पहल शुरू की है। अब तक, बीजिंग ने बांग्लादेश आयुध कारखानों और बांग्लादेश मशीन टूल्स फैक्ट्री लिमिटेड को राइफल, रॉकेट लॉन्चर, MANPADS (मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम) और हल्के उपयोगिता वाहनों जैसे छोटे और मध्यम आकार के हथियारों के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण किया है।

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