न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक बने झारखंड हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल संतोष गंगवार ने दिलाई शपथ

रांची/एजेंसी। न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनाक ने शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट के 18वें चीफ जस्टिस (मुख्य न्यायाधीश) के रूप में शपथ ली। यहां लोक भवन में एक समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें शपथ दिलाई। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने बम्बई हाईकोर्ट के जज के रूप में कार्यरत न्यायमूर्ति सोनाक को झारखंड उच्च न्यायालय का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की पिछले माह सिफारिश की थी। जस्टिस सोनाक ने आठ जनवरी को 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान के सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यभार संभाला।
जस्टिस सोनाक के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। नए मुख्य न्यायाधीश का बृहस्पतिवार को बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर पहुंचने पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया था।
जस्टिस सोनाक को 21 जून, 2013 को बम्बई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और वे 27 नवंबर, 2026 को सेवानिवृत्त होंगे। सु्प्रीम कोर्ट के जज 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं जबकि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं। जस्टिस सोनाक अक्तूबर 1988 में महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल में वकील नामांकित हुए थे। इसके बाद उन्होंने बांबे हाई कोर्ट की पणजी पीठ में प्रैक्टिस शुरू की थी। वे केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता, राज्य सरकार के लिए विशेष अधिवक्ता और निगमों के लिए कानूनी सेवाएं दे चुके हैं।
महेश शरदचंद्र सोनाक का जन्म 28 नवंबर 1964 को हुआ था। उन्होंने गोवा के पणजी में डान बॉस्को स्कूल में हाई स्कूल तक शिक्षा ली थी। इसके बाद उन्होंने धेम्पे कालेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस से बीएससी की डिग्री ली। बाद में उन्होंने पणजी के एमएस कालेज आफ लॉ से एलएलबी की डिग्री हासिल की थी। जस्टिस सोनाक ने जेवियर सेंटर आफ हिस्टोरिकल रिसर्च से पुर्तगाली भाषा में डिप्लोमा भी किया था।





