पंजाब के गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क का पाताल से ढूंढकर करेंगे सफाया, सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान

चंडीगढ़/एजेंसी। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ने गुरुवार को पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समितियों में पार्टी के नवनिर्वाचित सदस्यों से मुलाकात कर संवाद किया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि युद्ध नशे विरुद्ध की तरह ही पंजाब में युद्ध गैंगस्टर विरूद्ध अभियान की जल्द शुरूआत होगी। पंजाब के सभी गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क का पाताल से ढूंढकर सफाया करेंगे। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में ‘आप’ की जीत बताती है कि पंजाब की जनता ने सिर्फ काम की राजनीति को चुना है। आम आदमी पार्टी पंजाब में जनभागीदारी, ईमानदारी और विकास के मॉडल को और मजबूती से आगे बढ़ाएगी। कांग्रेस-अकालियों के शासन में डर, झूठे मामलों और गुंडागर्दी की संस्कृति थी, ‘आप’ सरकार ने उसे खत्म किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी कैडर और नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को ‘मिशन 45 फीसद वोट’ का लक्ष्य दिया।
लुधियाना में चुने हुए प्रतिनिधियों के एकत्रित सम्मेलन को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सबसे पहले, मैं आप सभी को बधाई देता हूं, जो इतनी बड़ी संख्या में जिला परिषदों और ब्लॉक समितियों के सदस्य चुने गए हैं। आज आपको खुशी होनी चाहिए क्योंकि लोगों ने आपको एक नई जिम्मेदारी सौंपी है। यह बहुत गर्व की बात है कि इन चुनावों में ‘आप’ ने कुल सीटों में से 70 प्रतिशत से अधिक पर जीत हासिल की है। ये आपकी पार्टी की सीटें हैं। बीते समय को याद करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पारंपरिक रूप से सत्ताधारी पार्टी द्वारा पंचायत चुनाव शक्ति और धांधली के माध्यम से जीते जाते थे।
केजरीवाल ने कहा कि 2013 में पंचायत चुनाव सरकार बनने के एक साल बाद हुए थे। 2017 में भी सरकार बनने के एक साल बाद 2018 में चुनाव हुए। इसके बावजूद बड़े स्तर पर बूथ कैप्चरिंग, गुंडागर्दी और जबरदस्ती हुई और उसी तरह जीत दर्ज की गई। केजरीवाल ने कहा, “आज हमारी सरकार के चार साल पूरे होने के बाद ब्लॉक समितियों और जिला परिषदों के चुनाव हुए और बिल्कुल भी जबरदस्ती नहीं की गई। नतीजे देखिए 600 से अधिक सीटें ऐसी हैं, जहां उम्मीदवार 100 से कम वोटों से जीते। इनमें से 350 से अधिक सीटें विपक्ष ने जीती हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर ‘आप’ सत्ता का दुरुपयोग करना चाहती तो यह बहुत आसान था।
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में गहरी जड़ें जमा चुकी समस्याओं पर बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे पूरे पंजाब में नशा फैलाते हैं। नशा कौन बेचता है? चाहे कोई भी पार्टी हो, उनके चाचा, भाई, दामाद नशा बेच रहे हैं, अपराध में शामिल हैं। गैंग चला रहे हैं। वे खुलेआम गैंगस्टरों को टिकट देते हैं। हम ऐसा करने नहीं आए। हम इस सिस्टम को साफ करने आए हैं। हमने अपनी जान दांव पर लगा दी है, सब कुछ कुर्बान कर दिया है। उन्होंने मेरे खिलाफ आवाज उठाने पर मुझे जेल भेज दिया। उन्हें लगा कि अरविंद केजरीवाल बोलना बंद कर देगा, लेकिन मैं बाहर आया और और भी ऊंची आवाज में गरजा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में चुनाव पूरी तरह साफ-सुथरे ढंग से हुए। एक भी वोट नहीं बदला गया। चार साल के शासन के बाद पंजाब को चलाने की बड़ी चुनौतियों के बावजूद लोगों ने हमें वोट दिया। जब हमने सत्ता संभाली, तब पैसा नहीं था और पंजाब कर्ज में डूबा हुआ था। उन्होंने सब कुछ लूट लिया था। पहले समय पर वेतन नहीं मिलता था। हमारे शासन में एक भी महीना ऐसा नहीं गया, जब वेतन में देरी हुई हो। सभी को समय पर वेतन मिल रहा है। हम ईमानदारी से सरकार चला रहे हैं, एक-एक पैसा बचा रहे हैं और परिणाम दे रहे हैं।
केजरीवाल ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बड़े काम हो रहे हैं। बिजली मुफ्त हो गई है। पहले चुनावों के दौरान जहां भी मैं जाता था, लोग बिजली के बिल लेकर बैठते थे और कहते थे कि उनका छोटा सा घर है, एक पंखा है, फिर भी 10 हजार रुपये के बिल आ गए। आज लोगों को जीरो बिजली बिल मिल रहे हैं। अगर यह चमत्कार नहीं है तो और क्या हैकृपुराने बिल माफ कर दिए गए हैं। केजरीवाल ने कहा कि अब आपकी जिम्मेदारी है कि अगली चुनावों में इस 38 प्रतिशत वोट हिस्सेदारी को 45 प्रतिशत तक ले जाएं। 45 प्रतिशत से कम स्वीकार्य नहीं है। आपको गांव-गांव जाना चाहिए, लोगों से हाथ जोड़कर मिलना चाहिए।
आप प्रमुख ने आम नागरिकों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आप वह पार्टी है जो आम लोगों को टिकट देती है। यह वह पार्टी है जहां एक आम आदमी मुख्यमंत्री बनता है। भगवंत सिंह मान के पिता राजनीतिज्ञ नहीं थे, उनके रिश्तेदारों में भी कोई राजनीति में नहीं था, फिर भी वे मुख्यमंत्री बने। मेरे परिवार में भी कोई राजनीतिज्ञ नहीं था, फिर भी मैं मुख्यमंत्री बना। आप में से 90 प्रतिशत से अधिक ऐसे परिवारों से आते हैं जिनका कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है। अगर आप अच्छा काम करते हैं तो सिर्फ अपने काम के आधार पर विधायक और मंत्री बन सकते हैं।
नशों के खिलाफ लड़ाई के बारे में ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही जंग ‘आप’ सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति और हिम्मत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “हिम्मत से, हमने बड़े नशा तस्करों को जेल भेजा है। 28,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं और 400 से ज्यादा नशा तस्कर इस समय सलाखों के पीछे हैं। सरकार ने अब ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ का दूसरा चरण शुरू किया है। कल से हर गांव और हर घर में जाओ और लोगों को स्पष्ट रूप से बताओ कि अगर वे इन पार्टियों को दोबारा वोट देते हैं तो पंजाब में नशे वापस आ जाएंगे और इस बार ये राज्य को पूरी तरह तबाह कर देंगे। गलती से भी इन पार्टियों को वोट न दो।”
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