फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण ढहा, अब एमसीडी भेजेगी बुलडोजर का बिल

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास से अतिक्रमण ती हटा दिया है, अब उसका बिल भी भेजने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार एमसीडी जमीन के व्यावसायिक उपयोग के हिसाब से जुर्माना भी वसूलने की तैयारी कर रही है। सूत्र कताते हैं कि इस मामले में कानूने राय ली जा रही है। एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि एमसीडी अवैध निर्माण गिराने पर 10 हजार रुपये प्रति मशीन प्रति घंटे के हिसाब से खर्चा अवैध निर्माण करने वाले से लोती है। ऐसे में यहां जबसे कार्रवाई शुरू हुई और जब खत्म होगी उसके हिसाब से बिल बनाया जाएगा। अधिकारी ने यह भी बताया कि उच्च अधिकारियों की अनुमति लेकर इंतजामिया कमेटी से या राशि क्यूली जा सकती है।
सूत्रों ने कहा कि चूंकि जो जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई है, उसका व्यावसायिक उपयोग वैक्वेंट हॉल के तौर पर हो रहा था। ऐसे में देखा जाएगा कि इस जमीन का कितना व्यावसायिक उपयोग किया गया। ऐसे में जमीन के व्यावसाविक उपयोग से हुई कमाई की राशि भी वसूलने की योजना है। हालांकि इसमें सक्षम प्राधिकारियों के आदेश का इंतजार है।
मस्जिद के पास से अतिक्रमण हटाने का कार्य दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन अवैध तौर पर बनाए बैक्वेंट हॉल के कमरों को तोड़ा गया। साथ ही मस्जिद के मुख्य गेट के पास पीडब्ल्यूडी को जमीन पर 2500 वर्ग फीट और भूमि को खाली कराया गया है। यह अतिक्रमण पीडब्ल्यूडी रोड पर था जिसे अवैध तरीके से घेर रखा था। एमसीडी के अनुसार, 30,000 वर्ग फीट जमीन खाली कराई जानी है। अधिकारियों के अनुसार अभी बड़ी मात्रा में मलबा पड़ा हुआ है। जैसे ही मलबा साफ हो जाएगा, जमीन की माप कराई जाएगी।
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मलबा उठाने का अभियान शुक्रवार तक चलेगा। क्योंकि मलबा काफी ज्यादा था। वहीं, स्लैब में लोहा काफी भारी मात्रा में लगा है। इसलिए स्लैब और दीवारों को तोड़ने में दिक्कत आ रही है। गुरुवार को गैस कटर से स्लैब को काटा गया। अधिकारी ने बताया कि अभी तक 250 ट्रक मलबा हटा लिया गया है, जबकि 100 ट्रक मलबा और हो सकता है।
अधिकारी ने बताया कि खाली कराई गई भूमि को रामलीला मैदान का हिस्सा बनाया जाएगा। इसकी चारदीवारी के लिए अधिकारियों के निर्देश आ गए हैं। देखा जाएगा कि इसका उपयोग किस लिए किया जा सकता है। अभी रामलीला मैदान में जो मुख्य मंच बना हुआ है, उसके एक तरफ कार्यक्रमों के दौरान वीवीआइपी के लिए पार्किंग बनी है। बीच में एक दीवार है। उसे तोड़ा जएगा ताकि यह रामलीला मैदान का हिस्सा बन सके।





