पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने सगे भाई के बेटे से करवाई बेटी की शादी, भतीजे को बनाया दामाद

इस्लामाबाद/एजेंसी। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने अपने भतीजे से अपनी बेटी की शादी करवा दी है। पाकिस्तानी पत्रकारों ने पुष्टि की है कि असीम मुनीर ने अपने भाई के बेटे से अपनी बेटी का निकाह करवाया है। पाकिस्तान के पत्रकार जाहिद गिश्कोरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो अपलोड किया है, जिसमें उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा है कि असीम मुनीर ने अपनी बेटी की शादी अपने ही परिवार में किया है। वहीं एक और पत्रकार राजा मुनीब ने कहा है कि “फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अपनी बेटी की शादी अपने भाई कासिम मुनीर के बेटे से करवा दी है। ये दोनों सगे भाई हैं और रावलपिंडी में ये शादी हुई है।”
जाहिद गिश्कोरी ने अपने वीडियो में कहा है कि “ये शादी पिछले हफ्ते रावलपिंडी में हुई है। और मेरे पास जो जानकारी है उसके मुताबिक ये शादी उनके भाई के बेटे के साथ हुई है।” उन्होंने कहा है कि “ये एक हाई प्रोफाइल शादी थी और उनके भतीजे पहले पाकिस्तान सेना में ही कैप्टन थे और उनका नाम अब्दुर रहमान है और वो सैयद कासिम मुनीर के बेटे हैं।” उन्होंने कहा कि “असीम मुनीर की चार बेटियां हैं और ये उनकी तीसरी बेटी की शादी थी। उनकी बेटी का नाम माहनुर है।”
पाकिस्तानी पत्रकार जाहिद गिश्कोरी ने आगे जानकारी देते हुए कहा है कि “असीम मुनीर के भतीजे, जिनसे उन्होंने अपनी बेटी की शादी करवाई है, वो पहले सेना में कैप्टन थे, लेकिन बाद में वो सिविल सर्विसेज में चले गये। पाकिस्तान में सेना के अधिकारियों के लिए सिविल सर्विसेज में कोटा होता है। और अब वो असिस्टेंट कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “इस शादी में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ के साथ साथ कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। इसके अलावा, शादी में कई रिटायर्ड जनरल और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ भी इस शादी में शामिल हुए थे।”
जाहिद गिश्कोरी ने इसके अलावा खुलासा करते हुए कहा कि “संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति इस शादी में शरीक नहीं हुए थे।” उन्होंने कहा कि “मेरे पास विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी है कि यूएई के राष्ट्रपति शादी में शामिल नहीं हुए थे। लेकिन इस शादी में 400 से ज्यादा मेहमान थे, लेकिन इस फंक्शन को काफी गुप्त रखा गया था, जिसके पीछे सुरक्षा की वजहें हैं।”





