4 महीने में तीन बार बदले लुधियाना विजिलेंस चीफ, इस बार जगतप्रीत सिंह कर दिए गए सस्पेंड

Ludhiana Vigilance Chief changed thrice in 4 months, this time Jagatpreet Singh was suspended

लुधियाना/पंजाब। कांग्रेस के नेता भरत भूषण आशु मुश्किल में फंस गए हैं। उन्हें विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। यह मामला धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ा हुआ है। इस घटना के बाद, वीबी के एसएसपी जगतप्रीत सिंह को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। सरकार का कहना है कि उन्होंने अपने काम में लापरवाही बरती है। पिछले चार महीने में यह तीसरी बार है जब विजिलेंस के तीन चीफ डायरेक्टर बदले गए हैं और चार सस्पेंड हुए हैं।
आशु लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को आम आदमी पार्टी (आप) की चाल बताया है। आशु का कहना है कि आप वाले उन्हें डराना चाहते हैं ताकि वो चुनाव प्रचार न कर सकें।
पंजाब सरकार ने लुधियाना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सतर्कता जगतप्रीत सिंह को निलंबित कर दिया। आरोप है कि अधिकारी ने लुधियाना पश्चिम उपचुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार को ‘फायदा’ पहुंचाने के लिए समन जारी किया था।
आप नेताओं का कहना है कि आशु ने एसएसपी से मिलकर खुद को ही समन जारी करवाया है। वे ऐसा करके लोगों की सहानुभूति पाना चाहते हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और पंजाब के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने लुधियाना में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि लुधियाना पश्चिम उपचुनाव से पहले राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के लिए कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु की रची गई साजिश का पर्दाफाश हो गया है। सोंध ने आरोप लगाया कि आशु को भेजा गया सतर्कता नोटिस आशु ने स्वयं तैयार की गई एक धोखाधड़ी की चाल का हिस्सा था। उनके अनुसार, जांच करने पर पता चला कि नोटिस जारी करने वाले सतर्कता एसएसपी आशु के पूर्व सहपाठी और करीबी दोस्त थे।
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह एक साजिश है। उन्होंने एक फोटो भी जारी की है जिसमें एसएसपी, आप उम्मीदवार संजीव अरोड़ा के साथ एक मीटिंग में दिख रहे हैं। आशु ने यह भी कहा कि एसएसपी को शायद इसलिए सस्पेंड किया गया क्योंकि सरकार की चाल उल्टी पड़ गई। या फिर एसएसपी ने उन्हें गिरफ्तार करने से मना कर दिया होगा।
आशु कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो-तीन दिनों से, मैं सुन रहा हूं कि लुधियाना कमिश्नरेट के सभी 28 पुलिस स्टेशनों में एक मैसेज भेजा गया है। उनसे कहा गया है कि मेरे खिलाफ कोई पुरानी शिकायत भी ढूंढो। अचानक, गुरुवार को रात 9.30 बजे, वीबी ने मेरे घर पर समन भेजा जब मैं प्रचार में व्यस्त था। मेरे परिवार के सदस्य ने उन्हें बताया कि मैं 19 जून के बाद आऊंगा। आज सुबह, उन्होंने एसएसपी को सस्पेंड कर दिया क्योंकि मुझे फंसाने की उनकी कोशिश नाकाम हो गई। कुछ दिन पहले, हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुरानी शिकायतों में ‘फंसाया’ गया था, यह सब मेरे प्रचार को पटरी से उतारने के इरादे से किया गया था।’
आशु ने आगे कहा कि वे सिर्फ मुझे गिरफ्तार करना चाहते थे ताकि हमारे कार्यकर्ता डर जाएं और प्रचार न करें। क्या यह संभव है कि एक एसएसपी अपने सीनियर्स की अनुमति के बिना किसी उम्मीदवार को समन जारी कर सकता है? मैं फिर से पूछूंगा कि पूर्व सीपी कुलदीप सिंह चहल को लुधियाना से क्यों ट्रांसफर किया गया।” आप के आरोपों पर कि उन्होंने अपने पुराने परिचित एसएसपी जगतप्रीत सिंह की मदद से राजनीतिक लाभ और सहानुभूति पाने के लिए खुद को समन जारी करवाया, आशु ने पलटवार करते हुए कहा, ‘क्या मैं विपक्ष में इतना शक्तिशाली हूं कि मैंने एक एसएसपी से मुझे समन जारी करवा दिया? उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि चुनाव प्रचार के बीच उन्हें समन क्यों जारी किया गया।
कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि आप सरकार से ऐसी ही उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले से ही जानती थी कि आप ऐसे तरीके अपनाएगी। राणा गुरजीत सिंह ने कहा, “जब यह सब उल्टा पड़ गया, तो उन्होंने एसएसपी को बलि का बकरा बना दिया। इस बीच, पूर्व मंत्री परगट सिंह ने सरकारी अफसरों को आप नेताओं के कहने पर काम न करने की चेतावनी दी है।
लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 19 जून को होगा और मतगणना 23 जून को होगी। यह सीट आप विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी के जनवरी में निधन के बाद खाली हुई थी।

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