कानपुर में नाबालिग बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले में कार्रवाई न होने पर परिजनों का आक्रोश, बुलडोजर एक्शन की मांग पर हाईवे जाम

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर के बिधनू में 11 साल की बच्ची से गैंगरेप के मामले में कार्रवाई न होने पर स्वजन में आक्रोश देखने को मिला। आश्वासन के 10 दिन बाद भी कार्रवाई न होने पर स्वजनों ने प्रदर्शन किया। आरोपितों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग पर अड़े और धरने पर बैठ गए। उन्होंने गांव वालों के साथ हाईवे जाम कर दिया।
बिधनू थाना क्षेत्र के एक गांव में बीती 16 मार्च की शाम घर से बकरी चराने निकली 11 वर्षीय बालिका संग पास में रहने वाले तीन सगे भाइयों ने दुष्कर्म करने के बाद पिता की मदद से शव खेत में दफना दिया था। घटना के बाद स्वजन आरोपितों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे। जिसपर एसडीम अनुभव कुमार ने 24 घंटे के अंदर बुलडोजर कार्यवाई का भरोसा दिलाकर स्वजनों को अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया था। घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी बुलडोजर कार्रवाई न होने की वजह से सुहेलदेव आर्मी चीफ योगेश कुमार ने बुधवार को करीब 100 कार्यकर्ताओं समेत पीड़ित परिवार संग हाईवे जाम करने का प्रयास किया। पुलिस के रोकने पर सभी गांव के संपर्क मार्ग पर बैठकर न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। बवाल की आशंका पर एसीपी घाटमपुर कृष्ण पाल सिंह दस थानों की फोर्स व पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे।
इस दौरान कई बार भीड़ ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस बल देख सभी फिर से संपर्क मार्ग पर बैठकर आरोपितों के घर में बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। इस दौरान एसडीम अनुभव कुमार भी मौके पर पहुंचकर परिवार व प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
एसडीम ने बताया कि आरोपितों के अवैध भवन की कागजी कार्रवाई कर न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया गया है। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होते ही ध्वस्तीकरण का कार्य कराया जाएगा। जिसके लिए एक माह का समय लगेगा। साथ ही परिवार को सभी आर्थिक लाभ दिलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। पुलिस आरोपितों को सख्त सजा दिलाने के लिए कार्रवाई कर रही है। जिसपर प्रदर्शनकारियों ने एक माह के अंदर कार्रवाई न होने पर फिर से धरने पर बैठने की चेतावनी दी। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी परिवार को लेकर वापस चले गए। घाटमपुर एसीपी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों जाम नहीं लगाने दिया गया। नारेबाजी करके सभी एक माह के समय देने की बात पर सहमत होकर शांत हो गए।

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