दुबई के रास्ते चीन स्मगल हो रही थीं मोबाइल टावरों की रेडियो रिसीवर यूनिट, मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार

गाजियाबाद। देशभर के मोबाइल टावरों से RRU (रेडियो रिसीवर यूनिट) चोरी कर पहले दुबई, फिर वहां से चीन भेजी जा रही हैं। इसका खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच ने मास्टरमाइंड जावेद के भाई समेत 3 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीनों पर 50 हजार रुपये का इनाम भी था। एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि आरोपियों के नाम वसीम, नईम और अल्ताफ हैं। सभी को नंदग्राम क्षेत्र से पकड़ा गया है।
आरोपी वसीम जावेद का भाई है और वह वैशाली सेक्टर-4 में एक रेस्तरां चला रहा है। आरोपियों के पास से करीब 60 लाख रुपये कीमत की 10 आरआरयू और एक कार बरामद की गई है। पूछताछ में सामने आया कि दुबई से आरोपी डील कर इन यूनिट को चीन भिजवा रहे हैं।
पूछताछ में सामने आया कि जावेद दुबई में रहकर डील तय करता है। इसके बाद कई गैंग के बदमाशों को लगाकर दिल्ली में बैठा उसका भाई माल इकट्ठा करवाता है। गैंग के अन्य लोगों को भी चीन भेजा जाता है। आरोपियों ने बताया कि महीने में कम से कम 2 बार शिप और एयर कार्गो से स्क्रैप के नाम पर आरआर यूनिट को चीन भेजा जाता है। बता दें कि हाल के दिनों में नामी टेलीकॉम कंपनी के देशभर से आरआरयू चोरी हुए हैं। एक कंपनी ने यूपी के डीजीपी से शिकायत कर 400 करोड़ से अधिक की यूनिट चोरी होने की जानकारी दी थी।
गैंग का सरगना और पूरे देश में नेटवर्क चलाने वाला जावेद वर्तमान में दुबई में है। यह जानकारी पुलिस को उसके भाई वसीम की गिरफ्तारी के बाद हुई है। जावेद पर भी पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ है। जानकारी के अनुसार जावेद करीब एक महीने पहले ही दुबई गया था। गैंग के सदस्यों पर कार्रवाई की जानकारी के बाद वह देश नहीं लौटा रहा। पुलिस उसके मूवमेंट के बारे में जानकारी कर रही है। इस मामले में संबंधित मंत्रालय को भी जानकारी दी जा रही है, ताकि आगे की लीगल कार्रवाई शुरू हो सके, इसमें रेड कॉर्नर नोटिस भी शामिल है।
मुख्य आरोपी जावेद के भाई ने पार्टनरशिप में वैशाली सेक्टर-4 में फाइन कैफे के नाम से रेस्तरां शुरू किया था। इसके अलावा परिवार के लोग भी अलग-अलग इसी प्रकार के काम कर पुलिस को गुमराह करने का काम करते हैं। पुलिस आरोपियों के पूरे सिस्टम के बारे में जानकारी कर रही है।गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि गैंग को देश के हर हिस्से से चोरी की आरआर यूनिट मिलती हैं। उनके दिल्ली के गोदाम में 20-30 ट्रक सामान हर दिन आते हैं। आरोपियों ने अपने कई बड़े कनेक्शन के बारे में भी बताया, जिसे पुलिस वैरीफाई कर रही है। इन्हीं कनेक्शन की मदद से वह इतना बड़ा नेटवर्क दिल्ली में बैठकर चला रहे हैं।




