शकरपुर में महिला और उसके भाई की हत्या के मामले में परिवार के शामिल होने की आशंका

नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में दोहरे हत्याकांड की असली वजहों से पर्दा उठना अभी बाकी है। पत्नी और साले की हत्या करने के बाद आत्मसमर्पण करने वाला श्रेयांश (33) लगातार पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। इस बात का भी पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि जब श्रेयांश की अपनी पत्नी से अनबन थी तो उसने साले राम प्रपाप की हत्या क्यों की।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि हत्याकांड के बाद क्राइम सीन के साथ छेड़छाड़ कर सबूत भी मिटाने का प्रयास किया गया था। इसमें परिवार ने उसका सहयोग किया। पुलिस ने श्रेयांश के अलावा कमलेश के सास-ससुर, देवर और देवरानी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। छानबीन के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को सब्जी मंडी मोर्चरी में कमलेश और उसके भाई राम प्रताप का पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार के हवाले कर दिए हैं। दोनों के शव लेकर परिजन मथुरा रवाना हो गए। पुलिस के अलावा क्षेत्रीय एसडीएम भी मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस उपायुक्त अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि परिजनों के बयान रिकार्ड कर लिए गए हैं।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पूछताछ के दौरान लगातार श्रेयांश का परिवार अपने-अपने बयान बदल रहा है। कभी वह कमलेश के चरित्र पर उंगली उठाते हैं तो कभी छोटी-छोटी बात पर कमलेश के झगड़ा करने की बात करता है। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम ने जब क्राइम सीन का मुआएना किया तो वहां छेड़छाड़ मिली।
इस आधार पर पुलिस परिवार के भी हत्याकांड में शामिल होने की आशंका जता रही है। एक-एक कर पुलिस सभी लोगों से पूछताछ कर रही है। बता दें कि शकरपुर में इलाके में बुधवार सुबह श्रेयांश ने अपनी पत्नी कमलेश की हत्या कर साले राम प्रताप सिंह की पेचकस से वारकर हत्या कर दी। कमलेश के परिजनों ने दहेज के लिए उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है।
मूलरूप से अमर कालोनी, गोवर्धन, मथुरा, यूपी की रहने वाली कमलेश की करीब तील साल पहले आईटी इंजीनियर श्रेयांश कुमार से शादी हुई। दोनों के यहां दो साल का बेटा काव्य है। कमलेश के परिवार में पिता रामबीर सिंह, मां प्रेमवती, बड़ा भाई विश्वनाथ प्रताप सिंह एक छोटी बहन इशा धनकर उर्फ कंचन है।
कमलेश पति और ससुराल वालों के साथ शकरपुर इलाके में रहती थी। वह साहिबाबाद के एक स्कूल में टीचर थी। इसका पति पहले बंगलेरु की एमएनसी में नौकरी करता था। राम प्रताप ने इसी साल 12वीं कक्षा के एग्जाम दिए हैं। वह 14 अप्रैल को भांजे काव्य के जन्मदिन में शामिल होने मथुरा से दिल्ली आया था। इस बीच श्रेयांश ने कमलेश और राम प्रताप की पेचकस से वार कर उसकी हत्या कर दी। बाद में खुद जाकर थाने में आत्मसंपर्ण कर दिया। कमलेश के बड़े भाई आयकर विभाग दिल्ली में नौकरी करते हैं जबकि उसकी छोटी बहन कंचन नेशनल हॉकी खिलाड़ी है, वह मथुरा की टीम से खेलती है। इनके पिता प्रीतम हाल्कर मथुरा के स्टेडियम में काम करते हैं। बेटी और बेटे की मौत के बाद से उनका रो-रोकर बुरा हाल था।

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