मेरठ में भारी बारिश ने खोली नगर निगम की पोल, टपकते रिकॉर्ड रूम में दस्तावेज बचाने की जद्दोजहद
रिकॉर्ड रूम में पानी, दस्तावेजों पर संकट

मेरठ/उत्तर प्रदेश। मेरठ जिले में हुई भारी बारिश ने शहर की सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया और नगर निगम की लचर व्यवस्था को बेपर्दा कर दिया। हालात इतने खराब थे कि नगर निगम का रिकॉर्ड रूम भी बारिश के पानी से नहीं बच सका। टपकती छत के कारण कर्मचारी बाल्टियां रखकर पानी रोकने और महत्वपूर्ण दस्तावेज बचाने में जुट गए।
नगर निगम के रिकॉर्ड रूम में छत से पानी टपकने के कारण कई अहम फाइलें भीगने के कगार पर पहुंच गईं। कर्मचारियों ने बाल्टियों में पानी इकट्ठा किया और फाइलों को इधर-उधर सरकाकर सुरक्षित करने की कोशिश की। कर्मचारियों का कहना है कि अगर समय रहते पानी न रोका जाता, तो कई जरूरी दस्तावेज नष्ट हो सकते थे। इस घटना ने निगम की इमारत की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया।
शहरवासियों ने नगर निगम की इस लापरवाही पर कड़ा रोष जताया है। उनका कहना है कि जब निगम अपनी इमारत को बारिश के पानी से नहीं बचा पा रहा, तो शहरवासियों को जलभराव की समस्या से कैसे राहत दिलाएगा? लोगों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर एक रिकॉर्ड रूम का यह हाल है, तो पूरे शहर की व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
अव्यवस्था और खोखले दावों का पर्दाफाश
भारी बारिश ने न केवल शहर की जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर किया, बल्कि नगर निगम की अव्यवस्था को भी सामने ला दिया। हर साल लाखों रुपये के बजट के बावजूद निगम की इमारत बारिश के पानी से सुरक्षित नहीं है। यह स्थिति साफ तौर पर दर्शाती है कि मरम्मत और सुधार के कागजी दावे कितने खोखले हैं।




