रील बनाने के लिए हाईवे पर लगा दी लग्जरी कारों की लाइन
हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पुलिस की लगा दी क्लास

रायपुर/एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कुछ अमीर युवाओं ने नई कार खरीदने की खुशी में एनएच-130 पर रात में फोटोशूट किया। इस दौरान उन्होंने हाईवे पर लग्जरी गाड़ियां खड़ी कर दीं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर पुलिस को फटकार लगाई है। कोर्ट ने पूछा कि पुलिस ने गाड़ियां क्यों जब्त नहीं कीं। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बी डी गुरु की बेंच ने इस मामले पर चिंता जताई। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा कि ट्रैफिक जाम करने जैसे मामले में मामूली कार्रवाई क्यों की गई।
यह घटना हिर्री और चकरभाठा थाना क्षेत्र में हुई। कुछ लोग बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर लग्जरी गाड़ियां खड़ी करके इंस्टाग्राम के लिए वीडियो बना रहे थे। वीडियो में महंगी गाड़ियों का प्रदर्शन किया जा रहा था। मुख्य आरोपी वेदांश शर्मा ने दो नई महंगी कारें खरीदी थीं। उसके साथ काले रंग की एसयूवी गाड़ियों का काफिला था। लोगों के अनुसार, रात में हाईवे को ब्लॉक कर दिया गया था। दोनों तरफ गाड़ियां खड़ी थीं, लेकिन किसी ने भी दखल देने की हिम्मत नहीं की।
वेदांश ने शूट के वीडियो इंस्टाग्राम पर डाले थे, जो वायरल हो गए। बाद में अकाउंट ही डिलीट कर दिया गया। पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत चालान जारी किए है। आरटीओ को ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द करने के लिए भी लिखा है लेकिन गाड़ियां जब्त नहीं की गईं। इससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
बिलासपुर एसएसपी राजनेश सिंह ने मीडिया को बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और गाड़ियां जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा, ‘नेशनल हाईवे को ब्लॉक करना एक आपराधिक अपराध है. इसमें शामिल सभी लोगों को सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।’ हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखने के बाद खुद ही इस मामले पर ध्यान दिया। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या पर्याप्त कार्रवाई की गई है और पहले गंभीर धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं।




