हापुड़ के बीजेपी विधायक विजयपाल आढ़ती का चाय पर अपमान
स्पीकर ने जताई नाराजगी, तलब हो सकती हैं बीडीओ श्रुति सिंह

- हापुड़ के बीजेपी विधायक विजयपाल आढ़ती का चाय पर अपमान
- डीएम ने अभद्रता के आरोपी एडीओ का ट्रांसफर कर दिया है
- स्पीकर सतीश महाना ने विधायक को मिलने के लिए लखनऊ बुलाया
हापुड़/उत्तर प्रदेश। यूपी के हापुड़ में सदर विधायक विजयपाल आढ़ती को चाय पर बुलाकर अपमानित करने का मामला तूल पकड़ रहा है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इस पर नाराजगी जताई है और विधायक को लखनऊ मिलने के लिए बुलाया है। इसके अलावा बीडीओ श्रुति सिंह की पेशी विधानसभा समिति के सामने हो सकती है। आरोप है कि विधायक को चाय के लिए आधे घंटे तक इंतजार कराया गया और बाद में उनके साथ अभद्रता की गई। इस मामले को जातिगत भेदभाव और अंदरूनी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बीजेपी के लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में बीडीओ तमाशबीन बनी रहीं। विधानसभा अध्यक्ष ने इस घटना पर नाराजगी जताई है और विधायक से विस्तार से बात की है। विधायक को लखनऊ बुलाया गया है, जहां वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे। ऐसे में बीडीओ को विधानसभा समिति के सामने पेश होना पड़ सकता है।
आरोप है कि जब विधायक ने चाय में देरी का कारण पूछा तो एडीओ बिशन सक्सेना ने उनके साथ अभद्रता की। एडीओ ने जान से मारने और भुगत लेने की धमकी भी दी। इस पूरे हंगामे के दौरान बीडीओ श्रुति सिंह चुपचाप खड़ी रहीं और उन्होंने अपने अधीनस्थ को रोकने की कोशिश नहीं की। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया है कि ब्लॉक के ज्यादातर काम बिशन सक्सेना ही देखते हैं। गढ़मुक्तेश्वर से बीजेपी विधायक हरेंद्र तेवतिया की पत्नी ममता तेवतिया हापुड़ की ब्लॉक प्रमुख हैं। बीडीओ श्रुति सिंह और एडीओ बिशन सक्सेना का विधायक हरेंद्र तेवतिया और ब्लॉक प्रमुख ममता तेवतिया से लगातार संपर्क रहता है। बीते 27 मार्च को सदर विधायक से ठीक पहले गढ़मुक्तेश्वर विधायक का कार्यक्रम था। उन्हें पूरा सम्मान दिया गया और प्रोटोकॉल के तहत नाश्ता कराया गया। उनके तुरंत बाद शहर विधायक विजयपाल आढ़ती पहुंचे और उनके साथ अभद्रता की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सवाल चाय का नहीं था। विधायक को चाय के लिए रोका गया और फिर जानबूझकर देरी की गई। विधायक ने सिर्फ चाय में देरी का कारण पूछा था। इसमें ऐसा कुछ नहीं था कि अभद्रता की जाए। एडीओ लगातार अभद्रता कर रहे थे, गाली दे रहे थे और हमला करने के लिए झपट रहे थे, लेकिन बीडीओ ने उन्हें रोकने की कोशिश तक नहीं की।
इस घटना के पीछे की राजनीति हापुड़ से लेकर लखनऊ तक चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी के जिले में एकमात्र दलित विधायक का चाय पर अपमान बड़ा तूफान ला सकता है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश मोहाना ने जिस तरह से नाराजगी जताई है, उससे साफ है कि मामला अभी और आगे बढ़ेगा।
वहीं, विधायक विजयपाल आढ़ती ने कहा है कि वे जिलाधिकारी द्वारा दिए गए पांच दिन के समय का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद वे जल्द ही लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। आपको बता दें कि मामले के तूल पकड़ने के बाद डीएम ने एडीओ बिशन सक्सेना का ट्रांसफर गढ़मुक्तेश्वर कर दिया था। हालांकि विधायक विजयपाल आढ़ती ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।




