चीनी मांझे से घायल व्यक्ति की मदद को आगे आए ट्रैफिक इंस्पेक्टर, घायल को पहुंचाया अस्पताल
राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर चीनी मांझे से गर्दन कटने के कारण घायल महेश (35) की मदद के लिए ट्रैफिक इंस्पेक्टर विकास कुमार ने तत्परता दिखाई। 20 अक्टूबर को वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान उन्होंने घायल को परिवार सहित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया। उपचार के बाद महेश को छुट्टी दे दी गई। इंस्पेक्टर की इस पहल की सराहना की जा रही है।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली में चीनी मांझे से होने वाले हादसों के बीच ईस्टर्न रेंज के भजनपुरा ट्रैफिक सर्किल के इंस्पेक्टर विकास कुमार ने मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर चीनी मांझे से गर्दन में गंभीर चोट लगने के कारण घायल हुए एक व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उसकी मदद की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को इंस्पेक्टर विकास कुमार की ड्यूटी पूर्वी जिले में वीवीआईपी मार्ग पर लगी थी। इसी दौरान पांडव नगर से नेहरू कैंप झुग्गी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर सड़क किनारे लोगों की भीड़ दिखाई दी। भीड़ के कारण यातायात की गति भी धीमी हो गई थी। मौके पर पहुंचकर जानकारी लेने पर पता चला कि एक परिवार सड़क किनारे खड़ा था। परिवार के पुरुष सदस्य की गर्दन में चीनी मांझे से कट लग गया था और काफी खून बह रहा था।
घटना के समय पूर्वी जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-प्रथम सृष्टि पांडे भी मौके पर मौजूद थीं और घायल के परिवार को सांत्वना दे रही थीं। घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए इंस्पेक्टर विकास कुमार ने तत्परता दिखाते हुए परिवार को अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाया और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की आपातकालीन इकाई में पहुंचाया। घायल की पहचान महेश (35) के रूप में हुई। अस्पताल में आवश्यक उपचार मिलने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
इंस्पेक्टर विकास कुमार की इस पहल ने पुलिस की मानवीय भूमिका को सामने रखा। पुलिसकर्मियों का दायित्व केवल यातायात नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय जरूरतमंद नागरिकों की सहायता करना भी उनकी जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।
चीनी मांझे से होने वाली दुर्घटनाएं राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। ऐसे हादसों में समय पर मदद और चिकित्सा सुविधा मिलने से घायल की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। इंस्पेक्टर विकास कुमार की तत्परता को कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और जनसेवा का उदाहरण माना जा रहा है।




