इटली में दंगाइयों से निपटने के लिए लागू हुआ ‘योगी सरकार वाला कानून’, नुकसान की भरपाई करेंगे माता-पिता
जॉर्जिया मेलोनी ने नए आदेश की घोषणा करते हुए कहा कि तोड़फोड़ और चोरी को विरोध प्रदर्शन का तरीका मानकर सही नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने इसे आपराधिक कृत्य बताया और इसके लिए कड़ी सजा के प्रावधानों की घोषणा की। नए कानून को तत्काल लागू किया गया है, जिसमें तोड़फोड़ करने वालों के लिए सजा और लाखों का जुर्माना लगाने की व्यवस्था है।

रोम,एजेंसी। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने हिंसक प्रदर्शनों, तोड़फोड़ और लूटपाट पर अंकुश लगाने के लिए सख्त सुरक्षा उपायों को मंजूरी दी है। नए सुरक्षा आदेश में हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए पांच साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नाबालिगों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने पर उनके माता-पिता को आर्थिक जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। ये कदम उत्तरी इटली, खासकर मिलान में हाल में हुई हिंसा के बाद उठाए गए हैं।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा कि तोड़फोड़ और चोरी को विरोध प्रदर्शन का तरीका बताकर उचित नहीं ठहराया जा सकता। नए प्रावधानों के तहत यदि पांच या उससे अधिक लोगों के समूह में शामिल कोई व्यक्ति प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है, तो उसे पांच साल तक की कैद और 20 हजार यूरो तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। यदि प्रदर्शनकारी चेहरा छिपाते हैं या किसी को घायल करते हैं, तो सजा और कड़ी हो सकती है।
नए आदेश में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में भरपाई की व्यवस्था भी शामिल है। यदि तोड़फोड़ में नाबालिग शामिल पाया जाता है, तो उसके माता-पिता पर आर्थिक जिम्मेदारी तय की जा सकती है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने पर संबंधित प्रशासन भरपाई का आदेश दे सकता है, जबकि निजी संपत्ति के मामले में मुआवजे की मांग कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा सकती है।
सरकार ने किशोरों से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किए हैं। नए आदेश के तहत 14 से 17 वर्ष के किशोरों को कुछ परिस्थितियों में संभावित खतरे के आधार पर एहतियातन हिरासत में लेने का अधिकार पुलिस को दिया गया है। आदेश के कई प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं, हालांकि इसे स्थायी कानून का रूप देने के लिए संसद की मंजूरी आवश्यक होगी।
इटली सरकार ने यह कदम पिछले सप्ताहांत मिलान समेत उत्तरी इटली के कई इलाकों में हुई हिंसा के बाद उठाया है। प्रदर्शनों के दौरान दुकानों में लूटपाट, संपत्ति में तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएं सामने आई थीं। सरकार ने कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती भी की है।
इटली के नए सुरक्षा उपायों की तुलना भारत के उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन के दौरान हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में अपनाई गई सख्त कार्रवाई से की जा रही है। हालांकि, दोनों देशों के कानूनों और उनकी कानूनी प्रक्रियाओं में अंतर है। इटली सरकार का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार बरकरार रहेगा, लेकिन हिंसा, लूटपाट और तोड़फोड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




