हरिद्वार में गंगनहर बंद, हर की पैड़ी पर घटा गंगा जलस्तर; श्रद्धालुओं से स्नान टालने की अपील
हरिद्वार में गंगनहर में वार्षिक सफाई और मरम्मत कार्य के लिए मंगलवार की देर रात्रि को गंग नहर में जल का प्रवाह बंद कर दिया है।

हरिद्वार,उत्तराखंड। वार्षिक सफाई और मरम्मत कार्य के लिए ऊपरी गंगनहर में जल प्रवाह मंगलवार देर रात से बंद कर दिया गया है। इसके चलते हर की पैड़ी सहित आसपास के घाटों पर गंगा का जलस्तर कम हो गया है और श्रद्धालुओं को स्नान में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार आठ नवंबर की सुबह तक हर की पैड़ी समेत अन्य घाटों पर गंगा का प्रवाह सामान्य होने की उम्मीद है।
सिंचाई विभाग के अनुसार नहर बंदी के दौरान हरिद्वार समेत नहर से जुड़े 15 जिलों में आवश्यक मरम्मत और रखरखाव के कार्य किए जाएंगे। जल प्रवाह बंद होने से नहर के वे हिस्से भी जांचे और मरम्मत किए जा सकेंगे, जो सामान्य स्थिति में पानी में डूबे रहने के कारण दिखाई नहीं देते।
हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर जल प्रवाह को सुचारु बनाए रखने के लिए समतलीकरण समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत के बाद हर की पैड़ी तक गंगा जल का प्रवाह नियमित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान में परेशानी न हो।
प्रशासन की ओर से देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे गंगा स्नान का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित रखें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही हरिद्वार आने की योजना बनाएं। नहर बंदी की अवधि में हरिद्वार में अर्धकुंभ से संबंधित कुछ कार्य भी किए जाने हैं।
हालांकि, गंगनहर में जल प्रवाह पूरी तरह बंद किए जाने को लेकर कुछ व्यापारियों और पुजारियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे धार्मिक अनुष्ठानों और स्थानीय गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए स्नान आदि के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक गंगनहर की वार्षिक बंदी नियमित रखरखाव प्रक्रिया का हिस्सा है। सालभर जल प्रवाह रहने के कारण नहर के कई हिस्सों की पूरी तरह जांच और मरम्मत संभव नहीं हो पाती। ऐसे में जल प्रवाह रोककर आवश्यक तकनीकी कार्य पूरे किए जाते हैं।




