नेपाल में प्रियागोल्ड बिस्कुट के आयात, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध, बिस्किट में पशुओं के चारे वाला चोकर!

काठमांडू में खाद्य नियामक ने भारतीय कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो के प्रियागोल्ड बिस्कुट के आयात, बिक्री और वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी है। एफएसएसएआई द्वारा पशु आहार वाले चोकर के इस्तेमाल पर कंपनी का लाइसेंस निलंबित करने के बाद यह कदम उठाया गया।

काठमांडू,एजेंसी। भारतीय कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के प्रियागोल्ड बिस्कुट की गुणवत्ता को लेकर नेपाल में बड़ा कदम उठाया गया है। नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने इन बिस्कुटों को घटिया गुणवत्ता का बताते हुए उनके आयात, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग ने संबंधित निकायों, कारोबारियों और उपभोक्ताओं से इन बिस्कुटों की खरीद-बिक्री और वितरण रोकने की अपील की है।
विभाग की ओर से सोमवार को जारी नोटिस के अनुसार, यह निर्णय मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया। विभाग के महानिदेशक संजीव कुमार कर्ण ने इस संबंध में ऑनलाइन माध्यम से आपात बैठक की, जिसमें प्रियागोल्ड बिस्कुट पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया।
इस मामले में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने भी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। प्राधिकरण के अनुसार, कंपनी के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं। कंपनी पर बिस्कुट निर्माण में पशु आहार में इस्तेमाल होने वाले चोकर के उपयोग सहित अन्य गंभीर उल्लंघनों के आरोप हैं। इन मामलों में अभियोजन के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। साथ ही, प्राधिकरण ने कंपनी का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है।
बताया गया है कि नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ओर से जारी सूचना के आधार पर यह कदम उठाया। विभाग ने संबंधित सभी पक्षों से प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने और बाजार में इन बिस्कुटों की बिक्री तथा वितरण रोकने का आग्रह किया है।
इस कार्रवाई के बाद प्रियागोल्ड बिस्कुट की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, कंपनी पर लगाए गए आरोपों और संबंधित कार्रवाई के अंतिम निष्कर्षों के संबंध में उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए।

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