खालिस्तानी आतंकी पन्नू का विवादित ऐलान, कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन और फंडिंग देने का ऐलान
सिख्स फॉर जस्टिस सरगना और खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन और फंडिंग देने का ऐलान किया है। उसने कहा है कि वह मोदी सरकार को गिराने के लिए सीजेपी का समर्थन और फंडिंग करेगा। उसने भारत में खालिस्तान की मांग के लिए हथियारबंद आंदोलन चलाने का भी समर्थन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी भी की।

ओटावा,एजेंसी। खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के एक कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, कनाडा के एडमोंटन में खालिस्तान समर्थक जनमत संग्रह के आयोजन के दौरान पन्नू ने भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को समर्थन और आर्थिक मदद देने की बात कही। उसने कथित तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलनों को वित्तीय सहायता देने का दावा भी किया।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान पन्नू ने भारत के खिलाफ तथाकथित ‘पांचवीं पीढ़ी के युद्ध’ की रणनीति का उल्लेख किया। उसने सरकार विरोधी प्रदर्शनों और आंदोलनों को बढ़ावा देने की बात कही। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। हालांकि, इन दावों और कथित घोषणाओं की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पन्नू ने अपने संबोधन में भारत को आर्थिक रूप से कमजोर करने की बात कही और पंजाब में नशीले पदार्थों के संकट को लेकर भारतीय सरकार पर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि पंजाब के युवाओं और किसानों की समस्याओं का समाधान खालिस्तान है। उसके इन बयानों को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी सवाल उठ सकते हैं।
संबोधन के दौरान पन्नू ने भारत और हिंदुत्व के खिलाफ नारे भी लगवाए। रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया है कि उसने सिख युवाओं को कथित ‘सिख होमलैंड सिक्योरिटी’ बल के तहत हथियारों का प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित करने की बात कही। इस दावे की पुष्टि और इसकी वास्तविक परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच जरूरी है।
गुरपतवंत सिंह पन्नू प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को लेकर भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर रहा है। भारत सरकार ने उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित किया है। उसके खिलाफ भारत में विभिन्न मामले दर्ज होने की बात भी सामने आती रही है।
एडमोंटन में कथित कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयानों ने एक बार फिर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और भारत विरोधी अभियानों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, पन्नू के कथित ऐलान, प्रस्तावित फंडिंग और अन्य दावों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक बयानों या विश्वसनीय स्वतंत्र रिपोर्टों के आधार पर ही की जानी चाहिए।




