दिल्ली के अस्पतालों की खुली पोल! पुलिस की गाड़ी से कूदा आरोपी, चार अस्पतालों में इलाज न मिलने से मौत

नई दिल्ली/एजेंसी। कल रात दिल्ली में हुई एक घटना ने एक बार फिर दिल्ली के अस्पतालों की पोल खोलकर रख दी है। दरअसल छेड़छाड़ के मामले में एक आरोपी को दिल्ली पुलिस की मल्टीपर्पज वैन (एमपीवी) थाने लेकर जा रही थी। मगर थाने पहुंचने से पहले ही आरोपी गाड़ी का शीशा खोलकर बाहर कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को एंबुलेंस से एक के बाद एक चार अस्पताल ले जाया गया। मगर कहीं भी इलाज ना मिल पाने के कारण आज सुबह उसकी मौत हो गई।
डीसीपी नॉर्थ-ईस्ट डॉ.जॉय टिर्की ने बताया, कल रात 9:03 बजे उस्मानपुर पुलिस को एक महिला ने कॉल कर सूचना दी थी कि एक शराबी झगड़ा कर रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां 21 ‌वर्षीय कॉलर मिली। आरोपी प्रमोद (47) भी वहीं था। महिला का आरोप था कि प्रमोद ने उसके साथ छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार किया। एमपीवी स्टाफ गाड़ी में प्रमोद को थाने ले जा रहा था। इस बीच नशे में धुत प्रमोद उल्टी करते हुए गाड़ी का शीशा खोलकर गाड़ी से बाहर कूद गया। घायल को पास के जग प्रवेश चंद्र (जेपीसी)अस्पताल ले जाया गया। साथ ही छेड़छाड़ समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया।
डीसीपी नॉर्थ-ईस्ट डॉ.जॉय टिर्की ने बताया, जेपीसी अस्पताल से प्रमोद को जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया। जीटीबी अस्पताल ने सीटी-स्कैन की सुविधा न होने के कारण उन्हें वहां भर्ती नहीं किया। वहां से प्रमोद को लोक नायक अस्पताल ले जाया गया। वहां आईसीयू में वेंटिलेटर बेड न होने के कारण भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद घायल को आरएमएल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल के अधिकारियों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। आखिर में घायल को दोबारा जेपीसी अस्पताल लाया गया। जहां आज सुबह 5:45 बजे घायल को मृत घोषित कर दिया गया। प्रमोद पर पहले हत्या के प्रयास और घातक हथियार से हमला करने के दो केस दर्ज पाए गए हैं। पोस्टमार्टम कराने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया जा रहा है। आगे की जांच जारी है। वहीं मरीज के अस्पताल-दर-अस्पताल भटकने और इलाज ना मिल पाने पर डीसीपी ने हैरानी जताई है।

 

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