वैष्णो देवी रोपवे का स्थानीय लोग कर रहे विरोध, प्रोजेक्ट से आजीविका खतरे में
विधानसभा में बीजेपी-एनसी के बीच तीखी बहस

जम्मू/एजेंसी। वैष्णो देवी भवन पर 350 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे बनाना प्रस्तावित है। जहां एक ओर यह श्रद्धालुओं की यात्रा आसान करेगा। वहीं, इसका विरोध भी काफी तेज हो रहा है। विरोध इसलिए क्योंकि वहां काम करने वाले स्थानीय लोग इससे प्रभावित होंगे। यह रोपवे परियोजना कटड़ा से श्री माता वैष्णो देवी के लिए प्रस्तावित है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक नजीर अहमद गुरेजी और उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक बलदेव सिंह शर्मा के इस्तीफे की मांग कि, उन्होंने बलदेव पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। बलदेव ने सोमवार को दावा किया था कि प्रोजेक्ट को मंजूरी उमर कैबिनेट द्वारा मिली थी। सीएम ने कह कि मैंने चेक करवाया, इस परियोजना से संबंधित कोई भी मंजूरी कैबिनेट से नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह मंजूरी सरकार बनने से करीब एक महीने पहले दी गई है, इसमें कैबिनेट की कोई स्वीकृति नहीं है
सोमवार को रोपवे मुद्दे को लेकर बीजेपी विधायकों व उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के बीच तीखी बहस हुई। दोनों तरफ से नारेबाजी हुई। एक तरफ जहां उपमुख्यमंत्री ने भड़कते हुए भाजपा को खरी-खरी सुनाई तो वहीं भाजपा विधायकों ने माइनिंग चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाए। विधानसभा में मामला उस समय गरमा गया जब बनी के विधायक रामेश्वर ने बजट पर बहस के दौरान कहा कि वह रोपवे का विरोध करते हैं।
दरअसल, कटड़ा में केबल कार की सुविधा की तैयारी की जा रही है। इस परियोजना को 350 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा। इसके तहत श्रद्धालुओं को कटड़ा से सांझी छत के बीच केबल कार उपलब्ध होगी। लेकिन संघर्ष समिति इसका लगातार विरोध कर रही है। उनका मानना है कि इस परियोजना से वो लोग बेरोजगार हो जाएंगे। कुछ महीनों पहले इसपर जमकर विरोध हुआ।
संघर्ष समिति का मानना है कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों, दुकानदारों, और पालकी/घोड़े वालों की आजीविका खतरे में पड़ सकती है। समिति का मानना है कि यह प्रोजेक्ट पारंपरिक यात्रा को खत्म कर देगा, जिससे हजारों परिवारों का रोजगार छिन जाएगा और यात्रा की मूल भावना भी प्रभावित होगी।





