शहर में मौत बनकर दौड़ रहे कोयल से लदे ट्रेलर,स्कूल-अस्पताल और बाजार क्षेत्र में बढ़ा खतरा

शोभित शर्मा,एमसीबी/छत्तीसगढ़। शहर में कोयला परिवहन कर रहे भारी भरकम ट्रेलरों की रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है। स्थिति यह है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों, स्कूलों, अस्पतालों और मुख्य बाजारों के बीच से भी ट्रेलर तेज रफ्तार से गुजर रहे हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयला लदे ट्रेलर दिन और रात दोनों समय शहर के भीतर से गुजरते हैं और कई बार निर्धारित गति सीमा का भी पालन नहीं किया जाता। स्कूलों के समय बच्चों की आवाजाही रहती है, वहीं अस्पतालों के आसपास मरीज और उनके परिजन मौजूद रहते हैं, इसके बावजूद ट्रेलरों की तेज रफ्तार से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
बाजार क्षेत्र में भी भारी वाहनों की आवाजाही से जाम की स्थिति बनती है और पैदल चलने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है। कई बार ट्रेलरों से गिरने वाली कोयले की धूल से भी प्रदूषण और गंदगी फैल रही है, जिससे दुकानदार और आसपास के लोग परेशान हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और यातायात विभाग से मांग की है कि शहर के अंदर भारी वाहनों के प्रवेश और उनकी गति पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। साथ ही स्कूल, अस्पताल और बाजार क्षेत्रों में ट्रेलरों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने या निर्धारित समय तय करने की भी मांग उठ रही है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।



