मुजफ्फरनगर में एक दरोगा और दो सिपाहियों पर गिरी गाज, एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। यूपी के मुजफ्फरनगर में दीपावली से पहले पटाखों की दुकानों पर चेकिंग के नाम पर की गई कार्रवाई खुद पुलिसवालों के गले की फांस बन गई। खतौली थाने में तैनात एक दरोगा और दो सिपाहियों को एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। तीनों पर बिना उच्चाधिकारियों के आदेश के एक दुकानदार की दुकान पर छापा मारने और 80 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। हालांकि जांच में पैसों की लेनदेन की पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन तीनों के आचरण को अनुशासनहीनता मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
मामला खतौली कस्बे का है, जहां एक स्थानीय दुकानदार ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट वायरल कर आरोप लगाया है कि उसके पटाखों की दुकान पर पुलिस ने बिना किसी लिखित आदेश के दबिश दी। आरोप है कि दरोगा लोमेश कुमार और सिपाही विनीत व संदीप नागर ने 65 हजार रुपये मूल्य के पटाखे जब्त करने की धमकी दी और इसके एवज में 80 हजार रुपये की मांग की। दुकानदार के मुताबिक, मजबूरी में उसकी मां ने अपनी सोने की चेन गिरवी रखकर यह रकम पुलिसवालों को दी।
जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का जिम्मा सीओ खतौली राम आशीष यादव को सौंपा। जांच में यह बात सामने आई कि तीनों पुलिसकर्मी वास्तव में बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति के दुकानदार के यहां पहुंचे थे और पटाखों की जांच की थी। हालांकि यह साबित नहीं हो पाया कि उन्होंने रिश्वत ली थी, लेकिन बिना निर्देश के कार्रवाई करना विभागीय नियमों का उल्लंघन माना गया। सीओ की रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने दरोगा लोमेश कुमार, सिपाही विनीत और संदीप नागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।




