सीमापुरी इलाके में बेटी के जन्मदिन का सामान लेने गए शख्स को चाकू से गोदा
A man who went to buy things for his daughter's birthday in Seemapuri area was stabbed with a knife

- सीमापुरी इलाके में एक युवक, प्रवीण, पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं
- प्रवीण के परिवार का आरोप है कि यह हमला स्थानीय दबंगों ने पुलिस के साथ मिलकर करवाया
- प्रवीण पर हमला तब हुआ जब वह अपनी बेटी के जन्मदिन के लिए सामान लेने बाजार गए थे
- परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों के साथ मिली हुई है और यह बदले के इरादे से हुआ
दिल्ली ब्यूरो। सीमापुरी इलाके में कल शाम एक शख्स पर घात लगाए बैठे बदमाश ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। युवक के कूल्हे और हाथ पर सात वार किए गए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। वह बयान देने की स्थिति में भी नहीं हैं। हालांकि, घायल के परिजन इलाके के दबंगों पर पुलिस के साथ मिलकर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हमले में पुलिस के मिले होने की बात से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि आरोपियों के नाम पुलिस के पास है, पुलिस कार्रवाई कर रही है।
घायल प्रवीण (32) के बड़े भाई राजीव ने बताया कि उनका परिवार ओल्ड सीमापुरी इलाके में रहता है। प्रवीण इलाके में परचून की दुकान चलाते हैं। कल उनकी बेटी का दूसरा जन्मदिन था। जन्मदिन के जश्न के लिए शाम करीब 7 बजे वह सामान लेने बाजार गए थे। उसी दौरान एक हमलावर ने उन्हें पीछे धक्का देकर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। उनके कूल्हे और हाथ पर चाकू से सात वार किए। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। इलाके के लोगों ने प्रवीण के घर पर जाकर उन पर हमले की जानकारी दी।
राजीव ने बताया कि सूचना मिलते ही हम लोग अपने भाई को लेकर जीटीबी अस्पताल पहुंचे। साथ ही मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इलाके के दबंगों से संपत्ति विवाद चल रहा है। जिसके चलते परिवार के सदस्यों पर पहले भी जानलेवा हमले हो चुके हैं। उनका आरोप है कि यह हमला उन्हीं दबंगों ने सीमापुरी थाने की पुलिस के साथ मिलकर करवाया है।
राजीव का कहना है, सीमापुरी थाने की पुलिस पूरी तरह आरोपियों से मिली हुई है। क्योंकि पिछले महीने जब ग्रैप लागू था तो पीड़ित परिवार के बगल वाले घर में निर्माण कार्य चल रहा था। राजीव के घर की दीवार को भी तोड़ा जा रहा था, जिसका परिवार ने विरोध किया। निर्माण कार्य तब करवाया जा रहा था, जब उस पर प्रतिबंध था। आरोप है कि परिवार ने विरोध किया तो इलाके के बीट ऑफिसर ने कॉल कर के उन्हें धमकाया और निर्माण कार्य में रुकावट ना डालने के लिए कहा।
राजवीर के पिता ने बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग के साथ 16 नवंबर को पुलिसकर्मी के खिलाफ उसी थाने से लेकर डीसीपी तक को शिकायत कर दी थी। यही कारण है कि पुलिस इस शिकायत का बदला लेने के लिए आरोपियों के साथ मिल गई है और पुलिस की शह पर ही यह हमला हुआ है। इसलिए हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच दूसरे थाने की पुलिस करे।
डीसीपी शाहदरा प्रशांत गौतम ने पुलिस के मिले होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस तो खुद घायल को अस्पताल लेकर गई है। पीसीआर कॉल में 5-6 आरोपियों के नाम दिए गए हैं। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है।




